Sunday, April 14, 2024
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Success Story: पिता गांव में आम बेचते थे, बेटे ने दिमाग लगाया और खड़ी कर दी 400 करोड़ की कंपनी

हमारा जन्म गरीब परिवार में हो सकता है, पर हमारी मृत्यु गरीबी में न हो ये हमारे हाथ में होता है। अगर आपके सपने बड़े हैं, तो आप मेहनत और संघर्ष के साथ किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते है। सफलता की ऐसी ही अनोखी कहानी है नेचुरल्स आइसक्रीम कंपनी के मालिक की।

आम बेचने वाले के बेटे ने बना दी 400 करोड़ की कंपनी – साभार : नवभारत टाइम्स

नई दिल्ली: यह कहानी है कर्नाटक के एक गांव में आम का ठेला लगाने वाले किसान के बेटे की, जिसकी बनाई कंपनी आज 400 करोड़ रुपये से अधिक की कंपनी बन चुकी है। यह दिलचस्प कहानी है Naturals Ice Cream Company Owner Raghunandan Srinivas Kamath की।

पिता ने आम बेचने का काम किया

रघुनंदन श्रीनिवास कामत के पिता मैंगलोर के एक छोटे से गांव में आम का ठेला लगाते थे। कामत अपने पिता को अच्छे अच्छे फलों को चुनते हुए और उन्हें लंबे समय तक ताजगी से भरपूर बनाए रखने के लिए प्रयास करते हुए देखते थे। कामत ने भी अपने पिता के साथ कई वर्षों तक अच्छे फलों का चयन करना सीखा और उन्हें लम्बे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका भी जाना। लेकिन कामत के मन में एक अद्भुत सपना था। वह कुछ बड़ा करना चाहते थे। इसलिए वे बिजनेस का सपना लेकर मुंबई चले आए।

पहला स्टोर जुहू में खोला

कामत ने 14 फरवरी 1984 को अपना फर्स्ट आइसक्रीम ब्रांड “नेचुरल्स” शुरू किया। उन्होंने मुंबई के जुहू में इसका पहला स्टोर खोला। उस समय, Naturals में केवल 4 काम करने वाले थे और यहाँ तब 10 फ्लेवर की आइसक्रीम बिकती थी। परंतु कुछ समय बाद, उन्होंने अपने स्टोर को 12 फ्लेवर्स के साथ पूरी तरह से आइसक्रीम पार्लर मे बदल दिया।

शुरुआत में कामत को यह डर भी था कि क्या लोग इन अनोखे फ्लेवर्स को पसंद करेंगे या नहीं। इसलिए उन्होंने आइसक्रीम को “एड-ऑन प्रोडक्ट” के तौर पर प्रस्तुत किया। उस समय उनका प्राइमरी प्रोडक्ट पाव भाजी था। 

5 लाख से किया 400 करोड़ तक का सफर

रघुनंदन के ब्रांड में एक विशेषता थी। उनके नेचुरल्स ब्रांड की आइसक्रीम में कभी किसी केमिकल या कलर का उपयोग नहीं होता था। उन्होंने इस विशेषता को 40 साल तक बनाए रखा। इससे उनके कारोबार में तेजी से वृद्धि हुई। अब नेचुरल्स भारत के टॉप 10 ब्रांड में आता है।

जब जुहू में उन्होंने 200 वर्गफीट के पहले स्टोर को आरंभ किया था। तो पहले वर्ष उनका 5 लाख रुपये का टर्नओवर हुआ था। परंतु अभी हाल ही में गुजरे वित्त वर्ष 2020 में नेचुरल्स आइसक्रीम का टर्नओवर बढ़कर 300 करोड़ तक पहुँच गया। और वर्ष 2022 में यह 400 करोड़ रुपये हो गया।

फल, शक्कर, दूध और मां हैं USP

कामत ने बताया कि वे मां की सलाह से स्वाद में सुधार कर पाए है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि फल, शक्कर, दूध और मां, इन्हीं सामग्रियों से बनता है उनके प्रोडक्ट का असली स्वाद। कामत ने नेचुरल्‍स की मार्केटिंग टैगलाइन भी ‘टेस्‍ट द ओरिजनल’ रखी है।

नेचुरल्स के पार्लर पर सिर्फ आइसक्रीम ही नहीं, बल्कि अब हलवा और लड्डू जैसी मिठाइयां भी मिल जाती हैं। कामत अपने सभी प्रोडक्ट्स को नेचुरल और स्वास्थ्यपूर्ण बनाने के लिए नेचुरल चीजों का ही उपयोग करते हैं।

इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि सफलता के लिए संघर्ष और मेहनत का साथ होना जरूरी है। एक छोटे से गांव के आम बेचने वाले से लेकर 400 करोड़ की कंपनी खड़ी करने तक का उनका यह सफर यह सिद्ध करता है कि अगर सपने बड़े होते हैं और मेहनत की जाए तो कुछ भी संभव है।

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