Tuesday, May 21, 2024
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अमिताभ को हो चुका है स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस, जानिए कैसे होती है स्पाइनल टीबी – Spinal TB Causes And Symptoms

Amitabh Bachchan Birthday: बिग बी ने अपनी जिंदगी में बहुत सी बीमारियों को मात दी है। अपने एक शो के दौरान उन्होंने अपने फैंस को बताया कि उन्हें स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस (Spinal TB) भी हो चुका है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर क्या होता है स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस या रीढ़ कि हड्डी का टीबी

Spinal TB Causes And Symptoms
Spinal TB Causes And Symptoms

स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस के लक्षण और कारण – Spinal TB Causes

बॉलीवुड के महान अभिनेता, श्री अमिताभ बच्चन जी ने हाल ही में अपने 81वें जन्मदिन का जश्न मनाया हैं। इस उम्र में आमतौर पर लोग जीवन में सन्यास की ओर बढ़ रहे होते हैं, परंतु सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जी आज भी अद्वितीय ऊर्जा और प्रेरणा के साथ काम करते हुए दिखाई देते हैं। अमिताभ बच्चन की फिल्मों के बारे में तो हम सब जानते हैं, लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन की कठिनाइयों के बारे में शायद ही किसी को पता हो।

अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन में कई सारी बीमारियों का सामना किया है। परंतु यह सुनकर अमिताभ के बहुत से फैंस को बहुत आश्चर्य हो सकता है कि उनके लिवर का 75% हिस्सा बेकार हो चुका है। उन्हें अस्थमा, हेपेटाइटिस बी, और मियासथीनिया ग्रेविस जैसी बीमारियां भी हो चुकी हैं। इसके अलावा, एक शो के दौरान बिग बी ने खुद अपने फैंस को यह भी बताया कि उन्हें स्पाइनल ट्यूबरक्यूलोसिस (रीढ़ कि हड्डी का टीबी) भी हो चुका है। तो, चलिए जानते हैं कि स्पाइनल टीबी (ट्यूबरक्यूलोसिस) क्या है तथा इसके लक्षण और कारण क्या हैं।

क्या है स्पाइनल टीबी – Spinal Tuberculosis

स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। अधिकतर जवान लोग इस रोग का शिकार बनते है, इस रोग का प्रमुख प्रभाव फेफड़ों पर पड़ता है, मगर कुछ एक मामलों में इसका प्रसार शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है। जब यह बीमारी हड्डियों में होती है, तो इसे हड्डी का ट्यूबरक्युलोसिस कहा जाता है, यह तब होती है जब व्यक्ति को पहले से ही ट्यूबरकुलोसिस हो एवं#यह फेफड़ों के बाहर फैल गया हो।

पहले से टीबी होने पर यह फेफड़ों अथवा लिम्फ नोड्स से रक्तसंचार के जरिए हड्डियों, रीढ़ अथवा जोड़ों में पहुंच जाता है। दूसरे वर्ड्स में समझें तो स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) में होने वाला टीबी (क्षय रोग) Intervertebral Disc में शुरू होता है, जिसके बाद यह रीढ़ की हड्डी में फैल जाता है। यदि पीड़ित व्यक्ति को समय पर सही उपचार न मिले तो वह विकलांग भी हो सकता है।

रीढ़ की हड़्डी का टीबी कैसे होता है –

सामान्यतया, टीबी एक इंसान से दूसरे इंसान तक सांस के माध्यम से फैलता है। जब कोई व्यक्ति माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो यह बैक्टीरिया मुंह और नाक के माध्यम से फेफड़ों तक पहुँच जाता है। जब यह जीवाणु फेफड़ों से लिम्फ नोड्स अथवा बोन्स तक पहुँच जाता है, तो रीढ़ की हड्डी में टीबी हो सकता है। कई बार, Week Immunity के कारण भी, माइकोबैक्टीरियम आपको टीबी से प्रभावित कर सकता है।

स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस के लक्षण – Spinal TB Symptoms

स्पाइनल टीबी के लक्षण आमतौर पर जल्दी पहचान में नहीं आते हैं। इस रोग के विकसित चरण में ही रोगी को इनकी पहचान होती है। इस वजह से स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस को डायग्नोसिस करना आसान नहीं होता है। शुरू में, इस रोग के लक्षण आमतौर पर प्रकट नहीं होते हैं, लेकिन Advance Stage पर पहुंचने पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने लगते हैं-

  1. पीठ में तेज दर्द की समस्या
  2. सूजन
  3. जल्दी थकान लगना
  4. बार-बार ज्वर से पीड़ित होना
  5. रात्रि में पसीना आना
  6. भूख कम लगना
  7. शरीर पर फोड़े होना
  8. हड्डियों का कमजोर होना

स्पाइनल टीबी से बचाव और इलाज –

  1. साफ पानी पिएं
  2. हाइजीन का विशेष ध्यान रखें
  3. स्वस्थ और पौष्टिक आहार खाएं
  4. शारीरिक रूप से सक्रिय बने रहें
  5. भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह धुलें

स्पाइनल टीबी का इलाज –

अगर आप में से किसी को भी स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस के लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं, तो आपको तुरंत एक चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपको विभिन्न परीक्षण और जांच जैसे ब्लड टेस्ट, एक्सरे, सीटी-एमआरआई, नीडल बायोप्सी आदि के लिए सलाह देंगे। इसके पश्चात्, यदि स्पाइनल ट्यूबरक्युलोसिस का पता चलता है, तो आपको उपयुक्त दवाओं को बताया जाएगा, साथ ही आपको एंटी-ट्यूबरक्युलर थेरेपी की सलाह भी दी जा सकती है।

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