Thursday, May 23, 2024
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Housewife Works: एक गृहणी को इन 5 कार्यों को जल्द ही त्याग देना चाहिए

दोस्तों आपने देखा होगा कि आज हाउस वाइफ़ की पहचान सिर्फ सुनील की मम्मी, टिंकु की बीवी और सुधा की बहू तक के दायरे में ही रह जाती है। सभी को लगता है गृहिणी होना और Housewife Works कौन सा कठिन कार्य है।

a housewife works

घर के सभी लोगों को लगता है कि उनका कार्य सबसे कठिन है। चाइल्ड्स को लगता है कि उनकी स्टडी सबसे ज्यादा टफ है तो हसबैंड को लगता है कि उसकी 9 से 5 की नौकरी सबसे अधिक हार्ड वर्किंग है। किसी व्यक्ति का ध्यान घर की उस औरत पर लगता है जाता ही नहीं। यदि जाता भी है तो उन्हें लगता है इनका हिसाब सही है, ना कहीं आना ना किसी जगह जाना, बस आराम से घर पर खाना, टीवी देखना और सोना। जबकि होता इसका उल्टा है घर की देख-रेख करने वाली स्त्री सबसे अधिक मेहनत करती है। वह पति, बच्चों और सास-ससुर का अच्छे से ध्यान रखती है। साफ-सफाई भी करती है, खाना भी बनाती है एवं माह भर का हिसाब भी रखती है। घर के पड़ोस में रहने वाले लोगों से लेकर घर आने वाले हर अतिथि की मेहमान नवाज़ी भी वहीं करती है। पौधों को पानी देना, बच्चे को पढ़ाना ब्ला-ब्ला। अर्थात हर तरह से यदि हम किसी गृहिणी का काम गिनवाने लगे तो आप काउंट ही करते रह जाएंगे। हाउस वाइफ़ की पहचान सिर्फ सुनील की मम्मी, टिंकु की बीवी और सुधा की बहू तक के दायरे में ही रह जाती है। बहुत से लोगों को तो हाउस वाइफ़ का नेम भी नहीं पता होता, क्योंकि इतनी रिस्पांसिबिलिटीज़ लेने के उपरांत भी उनकी स्पेशली कोई पहचान होती ही नहीं है। सभी को लगता है गृहिणी होना कौन सा कठिन कार्य है जो इतना शोरगुल किए रहते हो। वहीं हाउसवाइफ जब एक दिन अस्वस्थ हो जाए तो मालूम पड़ता है घर पर वज्रपात हो गया हो। अब खाना कौन पकाएगा क्योंकि पतिदेव तो स्वयं के हाथ से वन कप टी भी बनाकर नहीं पी सकते। उन्हें तो सिर्फ रोजाना न्यू-न्यू डिश खाने में रुचि है।

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औरतें घर में इतना ज्यादा रम जाती हैं कि अपने आप को ही याद नहीं रखती हैं। इसलिए होता यह है की हाउस वाइफ़ स्वयं की सेहत के प्रति बेपरवाह हो जाती है। अत: उन्हें उनकी कुछ आदतों को त्यागने की आवश्यकता है। सामान्यतः हम लोगों ने गृहणियों को ऐसा करते हुए देखा है। क्योंकि सभी के यहाँ कि हाउसवाइफ एक जैसी ही होती हैं एवं उनकी हैबिट्स भी। 

1- सबसे अंत में भोजन करना | Taking Food in the end

घर की माताओं की हैबिट होती है कि वे सब लोगों को शुरूआत में खिला देंगी फिर स्वयं खाएंगी। प्रातःकाल सबके जागने के उपरांत ही नाश्ता करेंगी, वो भी कई टुकड़ों में। वैसे तो पूरे खान-दान के लिए भोजन पका देंगी लेकिन यदि भोजन कम है तो एक चपाती कम खा कर भी काम चला लेंगी। हाउस वाइफ़ कभी हसबैंड का तो कभी-कभी चाइल्ड्स का इन्तजार ही करती रहती हैं कि कब सभी लोग खा लें तो मैं खाऊं। आपके थोड़ा जल्दी भोजन ग्रहण करने से कोई व्यक्ति अप्रसन्न तो नहीं हो जायेगा और यदि हो भी जाता है तो उन्हें कह दें कि ये आपकी हेल्थ का मसला है। आप दूसरे लोगों को तो गरमा-गर्म रोटी पका कर खिलाती हैं एवं स्वयं ठंडा खाना वह भी समय पर नहीं। 

2- बासी भोजन ग्रहण करने की हैबिट | Habit to eat stale food

क्या आप लोगों ने कभी अनुभव किया है कि यदि खाना शेष बच भी गया हो तो भी हाउसवाइफ आप लोगों को ताजा खाना बनाकर खिलाती हैं एवं स्वयं शेष बचा बासी भोजन ग्रहण करती हैं। उन्हें महसूस होता है कि हमारे बच्चे बढ़िया खाएं भले मैं बासी खाना खा लूं। यदि आप भी ऐसा ही कुछ करती हैं तो कृपा करके इस हैबिट को छोड़ दीजिए। इससे आपकी हेल्थ पर फर्क पड़ता है। आप समय के साथ धीरे-धीरे बीमार हो जाती हैं तथा आपको महसूस भी नहीं होता। हम लोग भोजन फेंकने को नहीं कह रहे। खाना सभी के अनुसार कम बनाएं परंतु फिर भी यदि बच जाता है तो सभी मिल बाँट कर थोड़ा-थोड़ा खा लें। आप लोगों को समझना होगा कि इस आयु में प्रचुर विटामिन की आप लोगों को कितनी आवश्यकता होती है।

3- परिवार की सारी रिस्पांसिबिलिटी अपने ऊपर लेना | Handling all family responsibilities

आप यदि परिवार के कार्यों में किसी की सहायता ले लेंगी तो क्या आपकी प्रतिष्ठा कम हो जाएगी? तो क्या आवश्यकता है अपने आप को Super Woman बनाने की रसोई से लेकर मार्केटिंग तक, चाइल्ड्स की पेरेंटिंग से लेकर सास-ससुर का ध्यान रखने तक। ऊपर से कोई समारोह हो तब तो कुछ कहो ही नहीं। परिवार की रिस्पांसिबिलिटी जितनी आपकी है उतनी है हसबैंड की भी। अत: उनसे सहायता करने के लिए बोलें। प्रत्येक व्यक्ति की सामर्थ्य होती है, अधिक बोझ कोई व्यक्ति नहीं उठा पाता। आवश्यकता से अधिक वजन उठाने से शरीर और दिमाग दोनों जवाब दे देते है।

4- परिवार में ही खोए रहना अन्य कोई नया कार्य ना सीखना | Staying lost in the family

फ़ैमिली की सारी रिस्पांसिबिलिटीज़ भले ही हाउस वाइफ़ संभालती है, मगर मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए आज भी वह हसबैंड या बच्चे पर ही निर्भर होती है। क्योंकि वह परिवार की दुनियां में खोई रहती है। लैपटॉप अथवा स्मार्ट फोन चलाना आज भी बहुत कम हाउसवाइफ को ही आता है। कोई फॉर्म फ़िल करना हो तो भी उन्हें किसी की सहायता लेनी पड़ती है। कुछ कार्य इस प्रकार के होते हैं जो आप लोगों को आने चाहिए जैसे ऑन-लाइन ट्रांजेक्शन, Bank से जुड़े कार्य। इसके अतिरिक्त बाहर जाकर कुछ न्यू लर्न करने का प्रयास करना चाहिए। 

5- देर रात तक जागना एवं प्रातःकाल जल्दी उठ जाना | Late Sleeping and getting up early in the morning

हाउस वाइफ़ में सभी को भोजन कराने के उपरांत परिवार के बचे हुए सभी कार्यों को करने की हैबिट होती है। सामान्यतः सभी घरों में सर्वप्रथम महिलाएं ही जगती हैं एवं सबसे अंत में सोती हैं। औरतें खाने में बेपरवाही तो करती ही हैं इसके साथ ही निद्रा भी कम लेती हैं। रात्रि में 12 बजे के उपरांत सोना एवं प्रातःकाल तेजी से जागना, कुछ मिलाकर चार से 5 घण्टे ही सो पाती हैं। इसका सीधा इफेक्ट उनकी हेल्थ पर पड़ता है। हेल्थ खराब होने पर हाउस वाइफ़ चिकित्सक के पास भी शीघ्र नहीं जाती है अपितु घरेलू इलाज ही करती हैं। ये कुछ आदतें यदि हाउसवाइफ बदल लें तो इनका कुछ भला हो जाए। इसके लिए इन्हें स्वयं ही आगे आना पड़ेगा, अन्यथा जो चल रहा है वह तो चलता ही जाएगा, वैसे भी इससे किसी अन्य व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है?

दोस्तों इस पोस्ट को पढ़कर आपको समझ आ गया होगा कि एक गृहणी कितना काम करती है इसलिए हमें हमेशा उसका सहयोग करना चाहिए तथा उसके काम को महत्व देना चाहिए।

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