Sunday, April 14, 2024
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ये है मुंहासे होने के प्रमुख कारण, जानिए शीघ्र बचाव के उपाय | Pimple Treatment in Hindi

पाठकों आप जानते है मुंहासे (Acne या Pimple) की दिक्कत किसी को भी हो सकती है। परंतु कुछ लोग पिंपल्स को गंभीरता से नहीं लेते है एवं इसके बारे में यह सोचते है कि कभी न कभी यह दिक्कत खुद व खुद सही हो जाएगी परंतु यह दिक्कत समय के साथ भयानक रूप ले लेती है एवं इसका प्रभाव व्यक्ति की मानसिक सोच और सेहत पर पड़ता है। इसके चलते वे चिंतित रहने लगते है। इस कारण हर व्यक्ति को pimple treatment की पूरी नॉलेज होनी चाहिए।

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अगर आप भी मुंहासे के कारणों और मुंहासे के इलाज बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को अवश्य पढ़ें। मुंहासे के इलाज के बारे में जानने के लिए आपको इन प्रश्नों का उत्तर जानना काफी आवश्यक है कि मुँहासे क्या है?, मुंहासे कितने प्रकार के होते है?, मुंहासे क्यों होते है? और मुंहासे होने के प्रमुख कारण क्या है? तो हमने यहाँ पर इन सभी प्रश्नों के उत्तर एक एक करके दिए है जो आपको pimple treatment में काफी

Table Of Content

मुंहासे क्या है? (Meaning of Acne in Hindi)

मुंहासे से तात्पर्य इस प्रकार की सिचुएशन से है, जब Hair follicles (केश कूप) ; Fat (वसा) एवं Dead Cells (मृत कोशिकाओं) से Block हो जाते हैं। मुंहासे की समस्या आमतौर पर चेहरे, कंधे, गर्दन, बांह इत्यादि पर फुंसी, सफेद दाने एवं धब्बे इत्यादि के रूप में होती हैं। इस बेस पर मुंहासे के निम्न प्रकार होते है।

मुंहासे के प्रकार – Types of Acne in Hindi

ब्लैकहैड्स – Blackheads

व्हाइटहैड्स – Whiteheads

पैप्युल्स – Papules

पुस्टूल – Pustules

नोड्यूल्स (पिंड) – Nodules

अल्सर – Cysts

मुंहासे क्यों होते हैं? (Causes of Pimples)

आप जानते है कि पिंपल्स की प्रॉब्लम एक सीरियस प्रॉब्लम है। इस स्थिति में हर व्यक्ति पता करना चाहता है कि मुँहासे किस कारण से होते हैं। यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर ठीक समय पर पता लग जाए तो मुँहासे अथवा पिंपल्स की प्रॉब्लम से बचा जा सकता है। Beauty Experts का मानना हैं कि पिंपल्स अथवा मुँहासे की दिक्कत त्वचा की देखभाल में होने वाली गलतियों के कारण से होती है। रोजमर्रा की जिंदगी की कुछ आदतें ही आगे जाकर मुँहासे की वजह बनती हैं। तो हम लोग यहाँ पर इस प्रकार की ही कुछ वजहों को बता रहे हैं, जो मुँहासों का प्रमुख कारण हैं।

मुंहासे होने के प्रमुख कारण (Causes of Acne in Hindi)

मुंहासे अथवा पिंपल्स की प्रॉब्लम के मुख्य कारण इस प्रकार हैं –

तेल – ऑयल के साथ सम्पर्क या ऑयली पदार्थों का अधिक सेवन

मुहांसे की दिक्कत खासतौर पर उस सिचुएशन में होती है, जब किसी की बॉडी में ऑयल की क्वांटिटी अधिक हो जाती है। ऐसा दो वजह से होना संभव है या तो आप ज्यादा क्वांटिटी में ऑयल को लेते हो अथवा आप होटल इत्यादि में कार्य करते हो जहाँ आपका ऑयल के साथ बराबर संपर्क बना रहता है इसी के कारण चिकित्सक सभी को फेस को ठीक से क्लीन करने और तेल युक्त भोजन को थोड़ी मात्रा में लेने का मशबिरा देते हैं।

खानपान – खान-पान से संबंधित बुरी आदतें

मुंहासे निकलने का एक प्रमुख कारण खराब खान-पान भी है। खान-पान की बेकार आदतों के कारण पेट में कब्ज की समस्या हो जाती है, जिसके कारण भी पिंपल्स हो जाते हैं। असंतुलित आहार और जंक फूड लेने की हैबिट अनेक बार चर्म रोगों की सबसे अहम वजह बन जाती है। Journal of the Academy of Nutrition and Dietetics की तरफ से प्रकाशित की गई एक सूचना में स्पष्ट बताया गया है कि आहार में मछली, दूध और ट्रांस फैट मुंहासे निकलने की प्रमुख वजह बन सकते हैं।

दवाईयां – ज्यादा मात्रा में अथवा हानिकारक दवाइयों का उपयोग

मुंहासे की दिक्कत समस्या उन व्यक्तियों में भी संभव है, जिन व्यक्तियों का कोई उपचार चल रहा होता है क्योंकि उन व्यक्तियों के द्वारा ली जाने वाली दवाईयों का उनके तन पर बुरा असर होता है। इसी के कारण ऐसा बताया जाता है कि किसी भी दवाई को चिकित्सक की राय के बगैर नहीं लेना चाहिए। मुख्य रूप से तनाव, मिर्गी अथवा दिमागी बीमारियों से जुड़ी मेडिसिन या बॉडीबिल्डिंग के लिए यूज किए जाने वाले स्टेरॉयड्स के सेवन से मुंहासे हो सकते हैं।

हार्मोनल – हार्मोन में परिवर्तन का होना

मुंहासे की दिक्कत खासतौर पर हार्मोनल बदलाव की वजह से भी होती है। बढ़ती आयु के साथ बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण से भी पिंपल होते हैं। कुछ व्यक्तियों में हार्मोन का परिवर्तन असामान्य तरह से होता हैं, उनमें सेक्स हार्मोन्स की वजह से वसामय ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं। जिसके कारण उन्हें कई सारी कठिनाईयों को उठाना पड़ता है। खास कर स्त्रियों को मासिक धर्म, गर्भावस्था एवं रजोनिवृत्ति के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से पिंपल हो सकते हैं

कॉस्मेटिक – कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का ग़लत तरीके से अथवा अधिक इस्तेमाल

कॉस्मेटिक अर्थात ब्यूटी प्रोडक्ट्स का ज्यादा प्रयोग करने से भी पिंपल निकल आते हैं। अनेक बार महिलाएं पूरा दिन मेकअप लगाए रहती हैं एवं रात्रि को भी सही से मेकअप नहीं उतारती, इसलिए भी मुंहासे निकल सकते हैं फेस पर मुँहासे होने का प्रमुख कारण Cosmetic Products ही हैं। क्योंकि मुँहासे त्वचा के रोमछिद्रों के ब्लॉक होने के कारण होते हैं। हर आयु वर्ग के लिए अलग-अलग कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स होते हैं। यदि आप बेकार कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते हैं, तो भी आपके फेस पर पिंपल्स अथवा मुँहासे हो सकते हैं।

तनाव – स्ट्रेस के कारण से बॉडी में अंदरूनी बदलाव

यदि कोई इंसान अधिक स्ट्रेस लेता है, तो उसे पिंपल्स होने की पॉसिबिलिटी अधिक रहती है। क्योंकि स्ट्रेस की वजह से बॉडी में बहुत से प्रकार के हार्मोन्स का रिसाव होने लगता हैं, जिससे वसामय ग्रंथियां एक्स्ट्रा ऑयल निकालने लगती हैं। जो पिंपल्स की वजह बनता हैं। साथ ही अधिक तनाव भी पिंपल को गम्भीर बना सकता है। इसी कारण लोगों को कभी ज़्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए।

सफाई – चेहरे और शरीर की गलत तरीके से क्लीनिंग

कई दफा फेस की सही से सफाई न करने अथवा कठोर रसायन युक्त साबुन से सफ़ाई के कारण भी मुँहासे की दिक्कत हो जाती है। अत: स्किन केयर एक्सपर्ट्स से सही साबुन अथवा फेस वाश की राय ले लेना लाभदायक होता है। इसके साथ ही जो व्यक्ति भोजन करने के उपरांत अथवा शौचालय प्रयोग करने के उपरांत हाथों को अच्छे से क्लीन नहीं करते हैं। उनके भी फेस पर मुँहासे की दिक्कत हो सकती है। अत: मुँहासे की समस्या से बचे रहने के लिए हमें चेहरे और शरीर की साफ-सफाई का सही से गौर रखना चाहिए।

धूम्रपान – नियमित अथवा ज्यादा धूम्रपान के कारण से

कई दफा ऐसा पाया गया है कि जो इंसान धूम्रपान करता है, उसे पिंपल्स हो जाते हैं क्योंकि धूम्रपान के कारण से उसकी बॉडी में गर्माहट आ जाती है एवं इसके फलस्वरूप बॉडी टेंपरेचर इंक्रीज हो जाता है। जिस कारण पिंपल की समस्या हो जाती है। इसी के कारण किसी को भी धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

अनुवांशिक – अनुवांशिकता के कारण

पिंपल की दिक्कत अनुवांशिक हो भी सकती है। यदि परिवार में किसी व्यक्ति को बारम्बार पिंपल होते हैं, तो अन्य लोगों को भी मुंहासे होने की आशंका प्रबल हो जाती है

सीबम – सामान्य से अधिक सीबम का उत्पादन

किशोरावस्था में आते ही वसामयी ग्रंथियाँ फैल जाती हैं, जिसके कारण शरीर से अधिक मात्रा में तेल का उत्पादन होने लगता है। जिसके कारण Hair follicles में डेड स्किन एवं सीबम जमा होने लगता है जो कुछ समय बाद पिंपल की वजह बनता है। अत: किशोरावस्था में प्रवेश करते वक्त सीबम के अधिक मात्रा में उत्पादन को रोकने के लिए हमें चिकित्सक की राय से मेडिसिन ले लेना चाहिए।

प्रदूषण – ज्यादा देर तक प्रदूषण और धूल के मौसम में रहना

स्किन में मुँहासे की दिक्कत की प्रमुख वजह प्रदूषण और धूल होता है। जो व्यक्ति ज्यादा देर तक डस्ट और पॉल्यूशन में रहते हैं उनको मुँहासे की दिक्कत और व्यक्तियों से ज्यादा होती है। अत: धूल एवं दूषित वातावरण में जाते समय अपने फेस को मास्क अथवा क्लॉथ से कवर करके रखें।

पिंपल हटाने के घरेलू तरीके – Home Remedies For Pimple in Hindi

1). एलोवेरा

पिंपल हटाने का घरेलू तरीका एलोवेरा जैल हो सकता है। इसमें उपलब्ध एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण जीवाणु की वजह से होने वाले पिंपल को पनपने से रोकने के साथ ही इसके आस-पास सूजन को कुछ कम कर सकते हैं। इसके साथ ही एलोवेरा में उपलब्ध एंटीसेप्टिक गुण भी त्वचा पर जीवाणुओं को पनपने से रोक सकते है। एलोवेरा के संबंध में एनसीबीआई में उपलब्ध एक रिसर्च में यह भी बोला गया है कि इसमें एंटी-एक्ने गुण भी होते हैं, जो पिंपल्स से सुरक्षा कर सकते हैं।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें एलोवेरा के पत्ते से तरोताजा जैल निकालें एवं सीधे पिम्पल इफेक्टिड एरिया पर लगा लें। करीब 10-20 Minute पश्चात चेहरे को जल से धुल लें।

2). ग्रीन टी

बार-बार मन में उठने वाले प्रश्न “पिंपल किस प्रकार से हटाएं?” का उत्तर ग्रीन टी भी हो सकता है। जी हां, इसमें उपलब्ध Polyphenols मुंहासे के घरेलू इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह Polyphenols सीबम (त्वचीय ग्रंथियों से स्त्रावित होने वाला ऑयली पदार्थ) के स्राव को कुछ कम कर सकता है। इससे पिंपल सही हो सकते हैं अथवा इनसे बहुत हद तक राहत मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो मुंहासे से लड़ने में मदद कर सकते हैं। इस कारण से ग्रीन टी को पिंपल हटाने का तरीका मानते है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें ग्रीन टी का नियमित सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीन टी पाउच को उबालकर, ठंडा करने के उपरांत फेस पर भी लगाया जा सकता हैं।

3). लहसुन

लहसुन को भी पिम्पल दूर करने का अच्छा तरीका मानते है। इसमें Allicin (एलिसिन) होता है, जो जीवाणुरोधी की भांति कार्य करता है। यह स्किन को बैक्टीरिया फ्री रखने के साथ ही इन्हें पनपने से रोकने का कार्य करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। ये गुण मिलकर मुंहासे की समस्या को थोड़ा कम करने में लाभप्रद हो सकते है। इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क से Anti-Acne Gel भी बनाया जाता है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें आवश्यकतानुसार लहसुन पेस्ट बनाकर रेडी करें करें। अब इसमें थोड़ा सी मात्रा में शहद और जल की कुछ बूंदें डालकर फेस पर लगा लें। मिश्रण लगाने के उपरांत जब सूख जाए तो स्किन को धुल लें।

4). नींबू – Lemon

मुंहासों के उपचार के लिए कई और घरेलू पदार्थों की भांति ही नींबू का प्रयोग भी करा जा सकता है। असल में, इसमें उपलब्ध फ्लेवोनोइड एंटीबैक्टीरियल गुण का प्रदर्शन करते हैं। यही कारण है कि ये स्किन में जीवाणुओं को पैदा नहीं होने देते, जिससे एक्ने में राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त, नींबू में उपलब्ध सिट्रस एसिड भी प्रोपिओनी बैक्टीरियम एक्ने को बढ़ने नहीं देता। इस कारण से नींबू को भी पिंपल दूर के घरेलू नुस्खे के तौर पर जाना जाता है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें आधे नींबू का रस निकालकर एक कटोरी में रख लें। इसमें कुछ बूंदें जल की डालकर इसे बहुत अच्छे से मिक्स करें। अब जल और नींबू के रस के मिक्सचर को रूई की सहायता से मुंहासों पर लगाएं। करीब 30 Minute पश्चात फेस को धुल लें।

5). नीम

इस शोध में पाया गया कि इन सामग्रियों की सहायता से बनाया गया एंटी-एक्ने फॉर्मूला प्रोपियोबैक्टीरियम के साथ ही स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिस (एक्ने एवं मुंहासे की वजह से बनने वाले जीवाणु) के विरुद्ध काम कर सकता है। इन्हीं खूबियों के कारण से नीम की पत्तियों को पिंपल के इलाज के लिए अच्छी औषधि मानते है।

पिंपल दूर करने के घरेलू उपाय के तौर पर नीम का प्रयोग भी बहुत चलन में है। नीम की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं। NCBI की इंटरनेट साइट पर प्रकाशित रिसर्च में बताया गया है कि नीम के इथेनॉल अर्क से एंटी-एक्ने पैक रेडी करा जा सकता है। इस पैक को तैयार करते समय नीम के साथ तुलसी, ग्रीन टी एवं कई और सामग्रियों का भी प्रयोग किया गया।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें नीम की थोड़ी पत्तियों को पीस कर एक्ने पर लगाया जा सकता हैं। इसके अलावा, नीम को जल में उबालकर उसके ठंडे काढ़े से फेस धो सकते हैं। नीम के साथ ही तुलसी एवं ग्रीन टी को एक साथ पीसकर भी इस पैक को फेस पर लगा सकते है।

6). मुल्तानी मिट्टी

मुल्तानी मिट्टी भी मुंहासे हटाने का एक अच्छा घरेलू नुस्खा है। असल में, एक्ने; स्किन की ऑयल ग्लैंड्स द्वारा सीबम (तैलीय पदार्थ) बनाने के कारण से होते हैं। मुल्तानी मिट्टी स्किन में बनने वाले इस नेचुरल ऑयल को सोखकर फेस पर जमी गन्दगी को क्लीन कर सकती है। इस कारण से मानते है कि मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करने से फेस पर पिंपल कम हो सकते हैं। मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर मौजूद दाग-धब्बों को भी कम कर सकती है, क्योंकि यह त्वचा को अंदर से साफ कर सकती है।

मुल्तानी मिट्टी में सूक्ष्मजीव निवारक गुण भी होते हैं, जो मुहांसे के जीवाणु को समाप्त करने तथा उन्हें पैदा होने से रोकने में सहायता कर सकते हैं। इस कारण से Anti-Acne Gel बनाने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग किया जाता है

इस्तेमाल किस प्रकार से करें तीन चम्मच मुल्तानी मिट्टी में वन स्पून हनी और आवश्यकता के अनुसार गुलाब जल मिक्स करके पेस्ट रेडी करें। अब इसे फेस पर लगाएं एवं थोड़ी देर पश्चात फेस धुल लें।

7). सेब का सिरका

पिंपल्स ट्रीटमेंट एट होम में Apple Cider Vinegar (सेब का सिरका) भी सम्मिलित है। स्किन के पीएच लेवल में असंतुलन के कारण से भी मुंहासे हो सकते हैं। इस कारण से मुंह हासे सही करने के लिए Apple Cider Vinegar का भी प्रयोग किया जाता है। असल में, सेब का सिरका स्किन के पीएच को बैलेंस करने का कार्य कर सकता है। इसके अतिरिक्त, सेब के सिरके के जीवाणुरोधी गुण एक्ने जीवाणु को समाप्त करके मुंहासे की समस्या को कम कर सकते हैं।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें वन स्पून एपल साइडर विनेगर में आधा चम्मच जल मिलाकर फेस पर लगाएं। कुछ देर पश्चात चेहरे को सादा पानी से धुल लें।

8). शहद और दालचीनी

मधु एवं दालचीनी का पाउडर भी पिंपल हटाने का घरेलू नुस्खा हो सकता है। बताया जाता है कि यह पिंपल्स को कम कर सकता है। असल में, दालचीनी एवं मधु मुँहासे के जीवाणु से लड़कर मुंहासे के उपचार में सहायता कर सकते हैं। दालचीनी और शहद में जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं। इसके साथ ही दालचीनी में उपलब्ध सिनेमैल्डिहाइड रासायनिक यौगिक में सूजनरोधी गुण भी होते हैं, जो पिंपल का इलाज करने में लाभप्रद हो सकते है।

वहीं, एनसीबीआई की एक रिसर्च में जिक्र है कि मधु की अम्लीय प्रकृति एवं जीवाणुनाशक गुण मुंहासे के जीवाणु को समाप्त करने के साथ ही इसे फलने-फूलने से रोक सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सूजनरोधी गुण मुंहासे के कारण से फेस पर आने वाली रेडनेस को थोड़ा कम करने का कार्य कर सकता है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें 3 चम्मच मधु और 1 चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट रेडी करें। अब इस पेस्ट को अच्छे से मुंहासे इफेक्टिड हिस्सों पर लगाएं। सोने से पूर्व पेस्ट लगाने के परिणाम असरदार हो सकते हैं। पूरी रात इसे फेस पर लगा रहने दें एवं प्रातःकाल गुनगुने जल से चेहरा धुल लें। दो सप्ताह तक इसे प्रतिदिन दोहराया जा सकता है।

9). हल्दी – Turmeric

हल्दी का प्रयोग भी मुंहासे खत्म करने का एक अच्छा उपाय हो सकता है। इसके एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक एवं हीलिंग गुणों के कारण से इसे पिंपल खत्म करने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके साथ ही हल्दी में Curcumin (करक्यूमिन) होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी होने के साथ ही एंटीमाइक्रोबियल गुण भी प्रदर्शित करता है। ये गुण मिलकर पिंपल और मुंहासों को ठीक करने में सहायता कर सकते हैं।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें थोड़ी सी हल्दी में मधु मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इसे फेस पर 20 Minute तक लगा रहने दें। इसके पश्चात फेस को धुल लें।

10). सेंधा नमक

पिंपल दूर करने का सरल तरीका सेंधा नमक भी है। इसमें उपलब्ध मैग्नीशियम हार्मोन्स को संतुलित करके एक्ने को थोड़ा कम करने में सहायता कर सकता है। इसके अतिरिक्त, यह त्वचा में उपलब्ध डेड सेल्स को क्लीन करके स्किन को सॉफ्ट और हेल्दी बनाने में सहायता कर सकता है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें पानी से भरे हुए टब में सेंधा नमक डालकर एक्ने वाले हिस्से को पानी में भिगो लें। या रूई को सेंधा नमक के जल में डुबोकर पिंपल्स के ऊपर रख दें। करीब 20 से 30 Minute पश्चात तौलिए से स्किन को पोंछ कर ऐसे ही रहने दें।

11). विच हेजल

मुंहासों की दिक्कत को कम करने के लिए विच हेजल का प्रयोग भी किया जाता है। इसमें मिलने वाला टैनिन (Tannin) ऑयली स्किन के लिए एस्ट्रिंजेंट की भांति कार्य करता है। यानी, ऐसे पदार्थ की भांति, जो फेस से सीबम (तैलीय पदार्थ) के बनने को कम करता हो। इस कारण से विच हेजल को पिंपल का इलाज करने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, विच हेजल में एंटी-इन्फ्लामेटरी गुण भी उपलब्ध होते हैं। इस बेस पर कह सकते हैं कि विच हेजल को पिंपल के घरेलू नुस्ख़े की तरह प्रयोग करा जा सकता है।

इस्तेमाल किस प्रकार से करें विच हेजल के ऑयल को रूई की सहायता से इफेक्टिड एरिया पर लगाएं। फिर थोड़ी देर बाद हल्के गुनगुने पानी से फेस वॉश कर लें।

तो साथियों इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको मुँहासों से सम्बंधित पूरी जानकारी हो गयी होगी। अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा हो तो पीड़ित व्यक्ति के साथ अवश्य शेयर करें साथ ही हमारी वेबसाइट को सब्स्क्राइब कर लें।

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